Friday, 17 March 2017

Weekly meetings of Save Indian Family


सेव इंडियन फॅमिली का नाम लेते ही याद आती है एक संस्था जो की पुरुषो के लिए काम करती है और पुरुषो के हितो की बात करती है और पुरुषो की आवाज़ है । पुरुष मतलब उन लोगो से जो किसी न किसी रूप से महिलाओ के लिए बनाए गए कानूनों से महिलाओं द्वारा पीड़ित है । असल में सेव इंडियन फॅमिली एक संस्था नहीं है ये एक आवाज है ये एक सोच है ये एक संघर्ष है । जिससे तकरीबन 30-40 एनजीओ इस संस्था के साथ पुरुष के लिए कार्य कर रही है । 

आज इस संस्था से देश विदेश से करीब लाखो लोग जुड़े हुए है । कुछ इसे फेस्बूक पर फॉलो करते है कुछ टिवीटर पर कुछ याहू ग्रुप पर कुछ व्हात्सुप पर आदि । अगर देखा जाए तो पिछले 10-12 सालो से ये संस्था पुरुष के हितो के लिए कार्य कर रही है उनकी आवाज बनी है उनकी पहचान बनी है । आज एक आम पुरुष बहुत ही गर्व से कह सकता है की कोई है जो उसके लिए काम कर रहा है कोई है जो उसके हितो की बात करती है कोई है जो उसे समझता है । 

यह संस्था काफी तरीको से पुरुष की सहायता करती है । जैसे की सेव इंडियन फॅमिली के याहू ग्रुप से,  एसआईएफ़ वन एप्लिकेशन से, अखिल भारतीय हेल्पलाइन नंबर 8882498498 से, ब्लॉग से, वेब साइट से, साप्ताहिक बैठक से । अगर देखा जाए तो साप्ताहिक बैठक सेव इंडियन फॅमिली की जान है और शान भी है । इस बैठक में कुछ अनुभवी और जानकार लोग अपने अनुभव और जानकारी के द्वारा महिला कानून द्वारा पीड़ित लोगो को परामर्श देते है । इस बैठक में उनको परामर्श दिया जाता है और अच्छी तरह समझाया जाता है की आपको कब क्या करना है ओर कब क्या नहीं करना है और कैसे करना है आदि । कानून की बारीकियों से लेकर उनको तंत्र की हर भाषा को समझाया जाता है । कुछ टूटे हुए लोगो को जोड़ने की कोशिश की जाती है । कुछ जिंदगी से मायूस हुए लोगो को नैतिक समर्थन भी दिया जाता है । ज़िंदगी को कैसे जिया जाता है ये भी समझाने का प्रयास किया जाता है । 

आज इस संस्था की तकरीबन पूरे देश में लगभग 30-40 जगह पर इस तरह की साप्ताहिक बैठक हो रही है । इस बैठक में लोगो को नए दोस्त मिलते है । ज़िंदगी से लड़ने की शक्ति मिलती है । कानून से लड़ने की शक्ति मिलती है । सबसे बड़ी बात हमे हमारा होने का एहसास होता है । कुछ लोग पुलिस से डरे होते है, कुछ वकील से धोखा खा हुए होते है, कुछ सामाजिक तिरस्कार झेल रहे होते है । कुछ लोग ऑफिस के अंदर भी डरे डरे रहते है । असल में सेव इंडियन फॅमिली की साप्ताहिक बैठक एक स्कूल है जिसमे महिला द्वारा पीड़ित लोगो की बहुत सारे तरीको से मदद की जाती है । उनको समाज से तंत्र से लड़ने का तरीका सिखाया जाता है । उनको उनका हक़ लेना सिखाया जाता है ।

 काफी बार देखा जाता है जब किसी व्यक्ति पर उसकी पत्नी द्वारा कोई कम्प्लेंट या केस होता है तो वो बहुत परेशान हो जाता है काफी बार सिर्फ इसी वजह से उसकी जान भी चली जाती है क्योंकि वो उस समय अपने आपको बहुत ही अकेला महसूस करता है । लेकिन अगर कोई व्यक्ति समय रहते सेव इंडियन फॅमिली की साप्ताहिक बैठक एक बार भी शामिल हो जाता है तो उसका अकेलापन दूर होता है और वो उस समय अपने आपको बहुत ही खुश महसूस करता है । इन साप्ताहिक बैठक की सबसे खास बात ये है की ये बिलकुल फ्री होती है यहाँ पर किसी भी व्यक्ति से किसी भी प्रकार का पैसा नहीं लिया जाता और न ही कोई भी वकील बताया जाता है । यहाँ पर सिर्फ ओर सिर्फ अनुभव और जानकारी और पारदर्शिता ही बताई जाती है । अगर आप में से कोई भी महिलाओ के लिए बनाए गए कानूनों से महिलाओं द्वारा पीड़ित है तो वो इस साप्ताहिक बैठक में शामिल हो सकता है । ऐसा नहीं है की ये संस्था सिर्फ पुरुष की मदद करती है बल्कि ये उन पुरुष की माँ बहन भाभी आदि महिलाओं की भी मदद करती है अधिक जानकारी के लिए सेव इंडियन फॅमिली की वैबसाइट पर जा सकते है या 8882498498 पर कॉल कर सकते है ।


Additions and deletions are most welcome
Sorry to say Please
Sattu Jatav
9953935838

Saturday, 4 March 2017

How to handle CAW Cell?

How to handle CAW Cell?


महिला सैल को कैसे संभाला जाए

1. जब भी महिला सेल से कोई फोन आए तो उनको बहुत ही निम्र स्वभाव से बोलो की महोदय पत्र भेज दीजिये ।
2. जब भी महिला सेल से कोई भी पत्र आए तो उपेक्षा मत करो ले लो ।
3. जब भी महिला सेल से कोई भी कर्मचारी खुद आ कर पत्र दे तो ले लेना चाहिए ।
4. महिलासेल पत्र सिर्फ एक प्रार्थना पत्र होता है ना की कोई सम्मन ।
5. कानूनी रूप से जरूरी नहीं की आप जाए या आप का कोई परिवार का सदस्यभी जाए ।
6. घबराने की कोई जरूरत नहीं आपको गिरफ्तार नहीं किया जाएगा ।
7. महिला सेल सिर्फ एक बातचीत करने की जगह है जहां पर कुछ सरकारी कर्मचारी आपकी पत्नी वाइफ़ की शिकायत पर आपको ओर आपके परिवार को बुलाते है ओर कोशिश करते है की समझोता हो जाए ।
8. समझोते से मतलब है की या तो आप पत्नी की बात मानो ओर उसके द्वारा लगाए गए झूटे आरोप मानो नहीं तो आपके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज़ की जाएगी ।
9. महिला सेल केवल महिलाओं के लिए है इसलिए आपकी बात वहाँ कोई नहीं सुनेगा ।
10.कोई भी प्रमाण न दे ।
11. शिकायत की नकल की मांग करे अगर मिल जाए तो ठीक नहीं तो सूचना के अधिकार के द्वारा मांग करे ।
12.किसी भी कोरे कागज पर हस्ताक्षर न करे ।
13.जब तक जरूरी न हो किसी को भी जाने की जरूरत नहीं ।
14.स्त्रीधन की लिस्ट को ले ले ओर देख ले की हर पेज पर लड़की ने हस्ताक्षर करा हो । लेकिन साथ ही वहाँ पर लिख दे की लिस्ट दहेज निषेध अधिनियम 2 के अनुसार नहीं है ओर न ही ठीक तरह से बनी हुई है ओर न ही असली बिल लगे हुए है ।
15.स्त्रीधन की सूची कानून से हिसाब से नहीं बनी है । ओर जो गिफ्ट लड़की को लड़के ओर उसके परिवार, रिश्तेदारो और दोस्तो से मिले है वो भी सूची में नहीं है। । जब लड़की ने घर छोड़ा था तब वो अपना सारा समान ले गयी थी जेसे की जेवरकपड़ेमहंगे समान आदि । कुछ सामान है जो की निमंलिखित है ओर में देने के लिए तयार हूँ ।
16.90 प्रतिशत शिकायत प्राथमिकी में बदल जाती है ।
17.2 या 3 तारीख के बाद आपको पता चल जाएगा की प्राथमिकी हो सकती है ।
18.जितनी जल्दी हो सके अग्रिम जमानत ओर आदेश जमानत आदि के लिए आवेदन कर दे ।
19.कभी भी झूठ न बोले या झूठा सबूत या झूठा गवाह न दे । हो सके तो सच पर कायम रहे । जो सच बोलते है भगवान उनके साथ होता है ।
20.लेकिन बोले वही जो बोलना चाहते है कुछ ओर न बोले । डर या तनाव की वजह से कुछ झूठ न बोले । अगर साथ में नहीं रहना तो नहीं रहना है ओर रहना है तो रहना है ।
21.जांच अधिकारी का फोन नंबर हमेशा साथ रखे ताकि वो आपको ओर आप उसको समय समय पर अपना विवरण बताते रहे । एक बात हमेशा याद रखे की कभी भी जाँच अधिकारी को रिश्वत देने की कोशिश न करे। एक गलत कदम आपको मुसीबत में दाल सकता है ।
22.स्थानीय बैठक में आते रहे, लोगो से मिलते रहे, जानकारी लेते रहे, आदि ।
23.इस समय आप काफी तनाव में होते है इसलिए अपने आपको व्यस्त रखे जितना हो सके मजे करे सोचने से ओर रोने से कुछ नहीं होता ।
24.इस दौरान कभी भी मुकदमा न डाले । खासतोर से हिन्दू विवाह अधिनियम के अंतर्गत कोई भी मुकदमा न डाले ।
25.अगर कोई बच्चा या बच्चे है तो बोले मुझे उनसे मिलना है । 


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Sattu Jatav
9953935838