Thursday, 21 April 2016

Negative thinking vs. positive thinking



नकारात्मक सोच बनाम सकारात्मक सोच


 
हम कितनी कोशिश कर ले लेकिन किसी भी इंसान का बेसिक नेचर ओर उसकी सोच को नहीं बदल सकते। कुछ लोगो की आदत होती है हमेशा नेगेटिव सोचने की । उनको खुशी अच्छी ही नहीं लगती । हमेशा नेगेटिव सोचना इन लोगो की आदत होती है । न तो ये लोग रिश्तो से प्यार करते है ओर न ही रिश्तेयदारों से । इन लोगो की सबसे बड़ी कमी होती है की ये अपने आपको पर्फेक्ट मानते है । ये लोग सिर्फ अपने आप से ही प्यार करते है । बाकी सबसे नफरत । इनको नकारात्मक सोच वाला व्यक्ति कहा जाता है । नकारात्मक सोच वाले व्यक्ति अपने आसपास एक ऐसा नकारात्मक माहौल बना लेते हैं। जो उनके साथ-साथ उनके आसपास के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालता है। इंसान वैसा ही बनता जाता है जैसी वह सोच रखता है। यह कथन छोटे या बड़े हर व्यक्ति पर लागू होता है। आप जिंदगी में सफल तभी हो सकते हैं जब आपकी सोच सकारात्मक हो । इन लोगो का जेसा विचार होता है वेसा ही उनका आचरण होता है । याद रखें, नकारात्मक सोच से बढ़कर कोई विधर्म नहीं । इन लोगो अगर सुख के पहाड़ पर भी बैठा दो या सुख के समुंदर में भी डूबा दो तो भी ये वहाँ दुख ही डुढ़ेंगे । वेसे ये सच भी है की बेसिक नेचर 99.9 परसेंट कभी चेंज नहीं होता । ये लोग सच्चाई से ज्यादा चुगलखोरी पर ज्यादा विश्वास करते करते है । वेवहिक संभन्ध 99.9 परसेंट सिर्फ इसी वजह से सफ़र करता है। जो औरत अपने पति पर विश्वास नहीं कर सकती वो चैन से बैठ भी नहीं सकती । नकारात्मक सोच की वजह से कई घर बर्बाद बर्बाद हो चूके है। नकारात्मक सोच के कारण हसंते खेलते वैवाहिक जीवन में दरार पैदा हो जाती है। जब कहीं पर भी कोई भी कुछ भी घटता हो तो ये लोग उसे अपने साथ जोड़कर देखते है, कि उनके परिवार के सदस्य भी ऎसा ही करते हैं, जबकि ऎसा होता नहीं । कुछ महिलाएं अपनी नकरतमक सोच के कारण अपने पति ओर अपने ससुराल वालों के ऊपर बेवजह शक करती रहती हैं, जो उनके दांपत्य जीवन को खराब कर लेती है, ऎसी महिलाओं के लिए जरूरी है, कि वो सकारात्मक सोच रखें, अच्छा सोचेंगी, तो अच्छा व्यवहार कर पाएंगी। नकारात्मक सोचने पर बुरे परिणाम भुगतने पड़ते हैं। इन लोगो का गरम सवभाव ही लड़ाई की मुख्य वजह होता है । अगर ये लोग रोज .1 परसेंट भी मुस्कराना शुरू कर दे तो इनकी समस्या दिन परतिदिन खतम होनी शुरू हो जाएगी ध्यान रखिए विवाद ग्रस्त बातें मधुर मुस्कान से मिनटों में हल हो जाती । नकारात्मक सोच वाला व्यक्ति कभी तरक्की भी नहीं कर पता क्योंकि उसका सारा समय तो ये सोचने में ही लग जाता है की लोग मेरे बारे में क्या सोच रहे है । ये लोग खुद को बदलना नहीं चाहते बल्कि दूसरों को बदलना चाहते है । ओर फिर कहते है तुम बादल गए हो । इनकी सबसे बड़ी कमी होती है की ये लोग दूसरों से होड बहुत करते है ।
अब जरा इनकी दिनचर्या पर भी बात कर ली जाए: 


· सुबह उठते ही तू तू मैं मैं करना इनकी आदत होती है ।

· बिना चिक चिक करे ये कोई काम नहीं करते ।

· छोटी छोटी बातों पर लड़ना इनकी आदत होती है ।

· बिना बात के मुँह बना लेना इनकी आदत होती है ।

· किस बात पर लड़ाई करनी है सिर्फ ये ही सोचना इंका मकसद होता है ।

· हमेशा अपनी बात उपर रखना ।

· किसी भी छोटी सी बात को तूल देना इनकी आदत होती है ।

· न तो खुद चैन से खाना खाएंगे ओर न ही खाने देंगे।

· रात को सोने से पहले भी चिक चिक ।


Sakaratmak soch = Positive Thinking
अगर उपर लिखित किसी भी बात को माना न जाए तो अपने आप में ही सकारात्मक सोच है।